सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Hindi Poem (हिंदी कविता) : बचपन की यादें- Bachpan ki yaadein, Bachpan Ke Din Poems, Bachpan ki purani meethi yaadein Poem, unique childhood Poem in hindi with English Translation.

 


Hindi Poem



आप सभी मित्रो के लिए एक छोटी सी koshish. यादों को
संजोग कर Bachpan कि कुछ याद भरी Poem.
बचपन की यादें- Bachpan ki yaadein, 

Bachpan Ke Din Poem, Bachpan ki purani meethi yaadein Poem, unique childhood Poem in hindi with English Translation.






जाने अनजाने में नाज़ुक उन उम्र में
गलतियां की अनगिनत हमने

फिर भी कोई फर्क ना पड़ा हमको
हमारे माता पिता के सामने

वक्त का गणित कभी एक जैसा नहीं होता
क्योंकि हर पल नए सूत्र जो लगता

बचकानी सी जो उम्र होती है सारी गलतियों की
तुरंत माफ़ी भी मिल जाती है

उन दिनों का रैना क्या कहना जुबां पे भी
नहीं बयां हम कर पाएंगे

मरने लगेंगे जब भी हम किन्तु बचपन को कभी
अपने दामन से ना छोड़ पाएंगे

मासूम सा मन था अपना दिल था कोमल सा
अब वैसा क्या हम हो पाएंगे

जाते जाते बस इतना है कहना क्या वो दिन
फिर से दोबारा आ पाएंगे






English Translation: 



Knowingly unknowingly fragile in those ages
 We have made countless mistakes
 Still I did not mind
 In front of our parents
 Time mathematics is never the same
 Because every moment new thread
 Childish age that leads to all the mistakes
 Instant apology
 What should Raina of those days say on Juban too
 No we can
 Will die whenever we but childhood
 Will not be able to leave with his hands
 My heart was like a innocent, my heart was soft
 What will we be like now
 Just go and say what those days are
 Will be back again.









टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Hindi Story (हिंदी स्टोरी official): धोखाबाज़ी Cheater, Dramatic Comedy Short Story with English translation

                             शीर्षक:                         "धोखाबाज़ी"                         "Cheater" Dramatic Comedy Short Story in hindi with English translation. गुरुदत्त कॉलोनी के रूम नंबर 38b में दो लोग 4 महीने से रेंट दिए बिना रह रहे थे,उनमें से एक दोस्त जिसका नाम अशोक जो कुछ दिन से रूम ऑनर को विनय के घर से आने के बाद रेंट देंगे ऐसा कह कर कुछ हफ्तों से अपने रूम ऑनर को समझाने की कोशिश कर रहा था।  वैसे मकान मालिक समझदार थोड़ा था तो जरूर परन्तु हम जैसों की बातें मानने के अलावा और वो कर ही क्या सकता था।  मगर ऐसा था कि जनाब विनय कहीं गया हुआ ही नहीं था हमने तो ऐसे ही फ्लो फ्लो में कह दिया ताकि रेंट के पैसे देने में कुछ समय और मिल जाए तब तक कुछ तो सोचना था। मकान मालिक के हिसाब से विनय अगले हफ्ते आने वाला था मतलब हमारे पास अब सिर्फ एक हफ्ते का ही समय बचा था। अशोक के साथ उसका एक और ...

Hindi Story (हिंदी स्टोरी official) : झूट के पैर होते है (Jhoot Ke Pair Hote Hai) - ड्रामा कहानी, Comedy Hindi Story.

झूट के पैर होते है (Jhoot Ke Pair Hote Hai) - ड्रामा कहानी, Comedy Hindi Short Story. किशोर जी का घर किसी मंदिर से कम नही था। खुशियां हो या दुख की घड़ियां वे भगवान की अरधाना में लगे रहने में पीछे नहीं हटते। लेकिन आज सुबह 4 बजे से किशोर जी भगवान की शरण में साथ ही निर्मला देवी उनकी पत्नी और रीमा उनकी बहू…अब आप बोलेंगे बहु का नाम लिया लेकिन बेटे का नही तो हम जानकारी के लिए बता दे की बेटा अब न हाथ जोड़कर प्रार्थना करने के स्विचवेशन में था और न माथा टेक्कर उनके आशीर्वाद लेने में। क्योंकि उनका बेटा सर से लेकर पैर तक बंधे पट्टी और होठ सूंजा कर यू बैठा था की उसको किसी बात का घमंड हो। वैसे वो विल चेयर में बैठा आंखे  बड़ी कर एक अलग ही चिंतित और अपने बाप से घबराया हुआ था। पूजा खत्म होने के बाद किशोर जी ने अपने बेटे के ऊपर पहले तो गंगा जल छिड़क कर उसे बाहरी नकरात्मक ऊर्जा से शुद्ध किया  और फिर उसे एक मन ही मन कोई फाड़ू सा कॉम्प्लिकेतट मंत्र पढकर पवित्र धागे देकर उसे बुरी शक्तियों से मुक्त किया। फिर सारे लोग उसके इर्द गिर्द बैठ कर अब उसकी ओर नजरे गड़ाए और अपनी अपनी कान सीधी कर उसके ऐसे होन...

Hindi Poem (हिंदी कविता) : "इश्क़ की राहें" , Romantic Love Poem with English Translation.

  Hindi Poem "इश्क़ की राहें" Romantic Love Poem. मंज़िल इश्क़ का राह तेरा तलाशते तलाशते हुए मैं चला गया, ढूंढते ढूंढते तुझको मैं धीरे धीरे अपने आपको भी भूलता चला गया, तुझको पाने की आस में जमाने से भी रिश्ता तोड़ कर आ गया, ख्वाब एक मंजिल भी एक कई रास्ते अजीब सामने मेरे आ गया, अब भी सफर तय करना था बाकी ऐसा लग रहा था कि मेरा बुलावा आ गया, दिल पर हाथ रख मैंने आंखे बंद कर मैंने तुझको याद कर लिया, कहीं अधूरी ना रह जाए मुलाकातें यही सोचकर यह दिल बेचैन सा हो गया, हिम्मत नहीं हारा और ना हारूंगा कभी तेरे नाम का पानी मैंने अमृत समझ के पी लिया, तुझसे मिलना कोई वजह नहीं मकसद था मेरा सफर में मै ना लड़खड़ाऊ इसलिए मैंने तुझे याद कर लिया,  बिन पीछे देख बिन रुके मै इश्क का यह सफर तय करता हुआ मैं चला गया, इश्क़ की उन वीरान गलियों में जाके एक दिन तेरे वहां होने का एहसास इस दिल ने मान ही लिया, नजर फिराया मैंने जब इधर उधर तब मैंने तुझको मेरे दिल के और करीब पाया, तेरी नजरें जब मेरी नजरों पर पड़ी तेरे आंसू ना रुके मुझे देख और मेरा दिल भर आया, एक दूसरे की बाहों में आहे भर कर इश्क़ में दो दिल बहु...